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प्रान्त

प्रान्त

१. अरुणाचल प्रदेश (इटानगर)
२. असम (दिसपुर)
३. उत्तर प्रदेश (लखनऊ)
४. उत्तरांचल (देहरादून)
५. उड़िसा (भुवनेश्वर)
६. अंडमान और निकोबार द्वीप
- (पोर्टब्लेयर)
७. आंध्र प्रदेश (हैदराबाद)
८. कर्नाटक (बंगलोर)
९. केरल (थिरुवनंतपुरम। त्रिवेंद्रम)
१०. गोआ (पणजी)
११. गुजरात (गांधीनगर)
१२. चंडीगढ़
- (चंडीगढ़)
१३. छत्तीसगढ़ (रायपुर)
१४. जम्मू और कश्मीर (श्रीनगर/जम्मू)
१५. झारखंड (राँची)
१६. तमिलनाडू (चेन्नई)
१७. त्रिपुरा (अगरतला)
१८. दमन और दीव
- (दमन)
१९. दादरा और नगर हवेली
- (सिलवासा)
२०. दिल्ली (दिल्ली शहर)
२१. नागालॅण्ड (कोहिमा)
२२. पश्चिम बंगाल (कोलकाता)
२३. पंजाब (चंडीगढ़)
२४. पॉण्डिचेरी
- (पौण्डिचेरी)
२५. बिहार (पटना)
२६. मणिपुर (इम्फाल)
२७. मध्य प्रदेश (भोपाल)
२८. महाराष्ट्र (मुंबई)
२९. मिज़ोरम (आइजोल)
३०. मेघालय (शिलॉङ्ग)
३१. राजस्थान (जयपुर)
३२. लक्षद्वीप
- (कवरत्ती)
३३. सिक्किम (गंगटोक)
३४. हरियाणा (चंडीगढ़)
३५. हिमाचल प्रदेश (शिमला)
यह भी देखें: # भारत के प्रान्त एवं उनकी राजधानी # भारत के शहर # भारत की भाषाएँ

अरुणाचल प्रदेश

अरूणाचल प्रदेश
अरुणाचल प्रदेश
Image:IndiaArunachalPradesh.png
असम से विभाजन २० फरवरी १९८७
भाषा आदि, निशि, मोनपा
राजधानी ईटानगर
राज्यपाल विनोदचंद्र पांडे
मुख्यमंत्री गेगोंग अपांग
क्षेत्रफल ८३,७४३ वर्ग कि.मी.
जनसँख्या
 - कुल (२००१)
 - घनत्व

१,०९१,११७
१३/कि.मी.
साक्षरता: ५४.७४%
कालिंग कोड ९१ ४०
अरुणाचल प्रदेश भारत का एक उत्तर पूर्वी राज्य है. पहले इसे नेफा NEFA (North East Frontier Agency), कहा जाता था तथा यह असम राज्य का हिस्सा था जो १९८७ में अलग हुआ. इसकी राजधानी ईटानगर है.

भूगोल

कुछ हिस्सों जैसे लोहित, चांगलांगऔर तिरप को छोड़कर अरुणाचल का ज्यादतर हिस्सा हिमालय का पर्वतीय क्षेत्र है.

जलवायु

अरुणाचल प्रदेश का मौसम उन्नयन के साथ बदलत है। अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र जैसे ऊपरी हिमालय स्थित तिब्बत के निकट-वर्ती क्षेत्रों में मौसम अल्पाइन या तुन्द्रा प्रकार का होता है। मध्य हिमालय क्षेत्रों में मौसम समशीतोष्ण होता है और यहॉं सेब, संतरा, आदि के फलदार वृक्ष होते हैं। निचले हिमालयी क्षेत्रों में नम उप - उष्णदेशीया मौसम पाया जाता है। The state receives heavy rainfall of 80 to 160 inches (2,000 to 4,000 mm) annually, most of it falling between May and September. The mountain slopes and hills are covered with alpine, temperate, and subtropical forests of dwarf rhododendron, oak, pine, maple, fir, and juniper; sal (Shorea) and teak are the main economic species. xxxx

लोग

Generally, most of the Arunachalis belong to 20 major-collective tribes and 82 tribes. The main religion, Donyi-Polo, is widely followed by the Arunachali, although other religions like Buddhism and Hinduism are also followed as well. Christianity has made some recent inroads as well.

अर्थ जगत

Most of its people got its economy from agriculture. Jhum, the local word for shifting cultivation, is widely practised among the tribal groups. The forest-products are the next source of economy. Among the crops grown here are rice, maize, millet, wheat, pulses, sugarcane and oilseeds. Arunachal is also ideal for horticulture and fruits. They are grown in orchards. Its major industries are sawmills, plywood, rice mills, fruit preservation units and handloom handicrafts.

राजनीति

The state of Arunachal Pradesh has four political parties, namely:
- अरुणाचल कांग्रेस
- अरुणाचल कांग्रेस(मेइते)
- कांग्रेस (दोलो)
- पिपुल्स पार्टी आफ़ अरुणाचल

इतिहास

Traditionally, the disputed Himalayan region of Arunachal Pradesh came under loose control of Tibet, and the remaining parts of the state, especially those bordering Myanmar, came under the control of the Ahom and the Assamese until the annexation of India by the British in 1858. In 1913-14, the British adventurer, Sir Henry McMahon, implented the 550-mile McMahon Line in Shimla. This was later unapproved by the Chinese government in 1947, saying that the claim was never approved and a map belonging to Encyclopedia Britannica in 1929 showing the Indo-Chinese border streching right up to the border of the Assamese plains. Following this dispute, the Chinese troops crossed the McMahon Line on the August 26, 1959, and captured an Indian outpost at Longju, a few miles south of the line. They abandoned this in 1961 but in October 1962 crossed the line once again, this time by force. After striking toward the Tanglha ridge and Tawang, which is near the Bhutan border, the Chinese later extended their attack across the whole frontier. Deep inroads were made at a number of points. However, due to external pressures that developed in the meantime, the Chinese agreed to withdraw back to the McMahon Line and returned Indian prisoners of war in 1963. Following that, the entire area changed its name from North East Frontier Agency and became part of Assam. Arunachal Pradesh gained statehood in 1987 after taking into consideration the security consideration in the east and Sino-Indian tensions.

यह भी देखें


- अरुणाचल की जनजातियाँ
- अरुणाचल प्रदेश के जिले

बाहरी कड़ियाँ

[http://www.arunachaltourism.com/] अरुणाचल पर्यटन [http://www.arunachalpradesh.nic.in/] अरुणाचल सरकार (अंगरेजी में) Category:भारत के प्रान्त Category:अरुणाचल प्रदेश ja:アルナーチャル・プラデーシュ州

इटानगर

ईटानगर अरूणाचल प्रदेश की राजधानी है। Category:शहर

उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बडा (जन्सन्ख्या के आधार पर ) राज्य है । लखनऊ प्रदेश की प्रशासनिक व विधायिक राजधानी है और इलाहाबाद न्यायिक राजधानी है । प्रदेश के अन्य महत्वपूर्ण शहर हैं आगरा, अलीगढ, अयोध्या, बरेली, मेरठ, वाराणसी(बनारस) , गोरखपुर , गाजियाबाद , मुरादाबाद , सहारनपुर , फैज़ाबाद , कानपुर । इसके पडोसी राज्य है उत्तरांचल, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा , दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ , झारखंड , बिहार। उत्तर प्रदेश नेपाल के साथ भी सीमा भी क े सन २००० मे भारतीय सन्सद ने उत्तरप्रदेश के उत्तर पश्चिमी ( मुख्यतः पहाडी ) भाग से उत्तरान्चल राज्य का निर्माण किया । उत्तर प्रदेश का अधिकतर हिस्सा सघन आबादी वाले गंगा और यमुना के मैदान है। करीब १६ करोङ की जन्सन्ख्या के साथ उत्तर प्रदेश केवल भारत का अधिकतम जन्सन्ख्या वाला प्रदेश हि नही बल्कि विश्व की सरवाधिक आबादी वाली उप राष्ट्रीय इकाई है । विश्व मे केवल पांच राष्ट्र चीन , स्वयं भारत, संयुक्त अमरीका , इंडोनिशिया और ब्राज़ील की जन्सन्ख्या प्रदेश से अधिक है. Category:भारत के प्रान्त

लखनऊ

लखनऊ भारत में उत्तर प्रदेश प्रान्त की राजधानी है। इसकी जनसँख्या 2001 में 2,207,340 थी तथा साक्षरता दर 68.63% है। कानपुर के बाद यह शहर उत्तर प्रदेश का यह सबसे बड़ा शहरी क्षेत्र है।

इतिहास

लखनऊ का इतिहास अवध के नवाबों द्वार इस शहर को राजधानी बनाने के साथ शुरु होता है। वास्तुकला की दृष्टि से अवध के नवाबों का इस शहर में काफी योगदान है, इसके अलावा इस समय के लखनऊ की मुग़ल चित्रकारी भी आज बहुत से संग्रहालय में सुरक्षित हैं। भवनों के स्तर पर बड़ा इमामबाड़ा और छोटा इमामबाड़ा तथा रूमी दरवाज़ा मुग़ल वास्तुकला का जीता जागता उदाहरण है। हलाकि आधुनिक प्रशासन की उपेक्षा से ये महत्वपूर्ण विरासत खंडहरों में तब्दील होने का खतरा उपस्थित हो गया है। प्राचीन अवध राज्य का विलय ब्रिटिश सम्राज्य में 1857 के सिपाही विद्रोह के फलस्वरुप हुआ था। यह शहर भारत के इस पहले व्यवस्थित स्वतंत्रता संग्राम के दौरान सबसे पहले जीते गये कुछ शहरों में से था। ब्रिटिश शासकों को यह शहर अपने कब्ज़े में लेने के लिये काफी मशक्क्त करनी पड़ी। लखनऊ का "शहीद स्मारक" आज भी हमें उन क्रांतिकारियों की याद ताजा कराता है। लखनऊ के आधुनिक वास्तुकारी में लखनऊ विधानसभा और चारबाग़ स्थित लखनऊ रेलवे स्टेशनका नाम लिया जा सकता है। विश्व के सबसे पुराने आधुनिक स्कूलों में से एक ला मार्तिनी स्कूल भी इस शहर में मौजूद है जिसकी स्थापना बिर्टिश शासक क्लाउड मार्टीन की याद में की गयी थी।

शहर और आस-पास

लखनऊ का हवाई अड्डा शहर से बीस किलोमीटर दूर अमौसी में स्थित है। शहर और आसपास अन्य दिलचस्प स्थानों में कुकरैल (जो एक पिकनिक स्पाट है और जहाँ कछुओं का एक अभ्यारण्य है), मलीहाबाद (जहाँ के मलीहाबादी आम काफी मशहूर हैं)कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी और मिर्ज़ापुरहैं. लखनऊ में ही राष्ट्रीय औषधि अनुसंधान केन्द्र, किंग जार्ज मेडिकल कालेज और बीरबल साहनी अनुसंधान संस्थान भी हैं। चिकन, यहाँ की कशीदाकारी का उत्कृष्ट नमूना है और लखनवी ज़रदोज़ी यहाँ का लधु उद्योग है जो कुर्ता और साड़ी जैसे कपड़ों पर अपनी कलाकारी की छाप चढाते हैं। इस उद्योग का ज्यादतर हिस्सा पुराने लखनऊ के चौक इलाके में फैला पड़ा है, जहाँ बाजार चिकन कशीदाकारी के दुकानों से भरी पड़ी है। चौक का इलाका न सिर्फ अपने चिकन के दुकानों की वजह से मशहूर है बल्कि यहाँ मुँह में पानी ला देनेवाले मिठाइयों की दुकाने भी भरी पड़ी हैं, आप मजे से यहाँ उत्कृष्ट मलाई गिलौरी, बादाम हलवा और रस-मलाई, और चटपटी चाट छककर उड़ा सकते हैं। अमीनाबाद, यहाँ दिल्ली के चाँदनी चौक की तरह का बाजार है जो शहर के केन्द्र में स्थित है यहीं शहर के ज्यादतर शापिंग माल स्थित हैं। अन्य प्रमुख बाजारों में यहाँ का हज़रतगंज भी काफी प्रमु

यह भी देखें


- भारत के शहर
- उत्तर प्रदेश
- लखनऊ विश्वविद्यालय
- इमामबाड़ा

बाहरी कड़ियाँ

[http://lucknow.nic.in/ लखनऊ का आधिकारिक जालस्थल (अँग्रेजी में)] Category:शहर

देहरादून

देहरादून भारत के नवनिर्मित प्रान्त उत्तरांचल की राजधानी है। देहरादून एक पर्वतीय शहर है और अपनी खूबसूरती के लिये जाना जाता है।

यह भी देखें


- उत्तरांचल
- भारत के शहर

उड़िसा

उड़ीसा भारत का एक प्रान्त है जो भारत के पूर्वी तट पर बसा है. उड़ीसा उत्तर में झारखंड, उत्तर पूर्व में पश्चिम बंगाल दक्षिण में आंध्र प्रदेश और पश्चिम में छत्तेसगढ से घिरा है तथा पूर्व में बंगाल की खाड़ी है. भौगोलिक लिहाज से इसके उत्तर में [[छोटानागपुर]] का पठार है जो अपेक्षाकत कम उपजाऊ है लेकिन दक्षिण में महानदी, ब्रम्हाणी, कालिंदी और वैतरणी नदियों का उपजाऊ मैदान है. यह पूरा क्षेत्र मुख्य रुप से चावल उत्पादक क्षेत्र है.
- राज्य की स्थापना १ अप्रैल १९३६
- साक्षरता दर: - कुल ५४.६३% - पुरुष ६२.६६% - स्त्री ४०.४५%
- शहरीकरण: १४.९७%

भूगोल

उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर है. नजदीक ही बंगाल की खाड़ी के किनारे पुरी शहर है जो भगवान जगन्नाथ के वार्षिक रथयात्रा के लिये विश्व प्रसिद्ध है. पूर्वी तट पर बसे उड़ीसा की गिनती भारत के सबसे निर्धन राज्यों में से की जाती है. यहाँ की जनसंख्या लगभग ३२ मिलियन है जिसका ४० प्रतिशत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति का है. उड़ीसा का विकास दर अन्य राज्यों की तुलना में बिल्कुल खराब हालत में है. १९९० में उड़ीसा का विकास दर ४.३% था जबकि औसत विकास दर ६.७% है. उड़ीसा के कषि क्षेत्र का विकास में योगदान ३२ फीसदी है. राज्य में लगभग आधी से ज्यादा आबादी (१७.५ मिलियन) गरीबी रेखा से नीचे गुजर बसर करती है और प्रति व्यक्ति औसत आय भी अच्छी नहीं है.

इतिहास और संस्कति

Oriya is the State's official language. The state has a opulent cultural heritage. Orissa is one of the eastern states of India. The region, earlier known as the kingdom of Kalinga was scene of the bloody war fought by king Asoka the Great of Magadha. उड़ीसा पर ३ सरी सदी इसा पूर्व से राज करने वाले कुछ वंश इस प्रकार हैं:- मुरुन दास वंश मथरस वंश नल वंश विग्रह एवं मुदगल वंश शैलोदभव वंश भौमकार वंश नंदोदभव वंश सोम वंश सूर्य वंश

प्राकतिक क्षेत्र

Chilka Lake, a brackish water coastal lake on the Bay of Bengal, south of the mouth of the Mahanadi River, is the largest coastal lake in India. It is protected by the Chilka Lake Bird Sanctuary, which harbors over 150 migratory and resident species of birds.

लोग

About 87% of the population live in the villages and one third of the rural population does not own any land other than homesteads. The small marginal farmers who constitute around 80% control only 47% of the land. Medium and large farmers who constitute 5% control 24% of the land. The Adivasis constitute 24% of the population, belonging to 62 different ethnic communities. Their traditional livelihood revolves around the forest ecosystem. Over the years collection of forest produce, hunting and persuasion of other traditional ways of living have become increasingly difficult, influencing socio-cultural life. Issues with modernisation such as mining and industrial activities, construction of dams, roads, railways have not only caused environmental hazards but have displaced the Adivasi communities. The loss of access to forest produce and the lack of bargaining power in marketing the commodities and forest produce they have for fair prices has left the Adivasi communities virtually bankrupt. The Dalits who comprise 16% of the total population frequently suffer from deprivation and ignominy. For historical reasons, most of the Dalits are landless and depend on various service occupations, petty business and crafts for their livelihood. They are among the worst hit communities as a result of ecological degradation and issues with caste discrimination. The infant mortality rate of 97 remains highest in India. In terms of infrastructure Orissa is impoverished with regards to railways, telecommunication, literacy and irrigation coverage. Only 20% of the road network is paved and more than half the population does not have access to bus facilities within two kilometres of their homes. In rural areas more than 65% of the population have no access to safe drinking water and around 96% do not have sanitation facilities. In these areas, over 82% of families do not have electricity and over 87% live in temporary houses. To add to the aforesaid, Orissa faces frequent natural diasters such as cyclones, floods, and droughts as a combination of both natural and man-made causes.

धार्मिक विवरण

बौद्ध हिन्दू जैन शैव शाक्त सूर्य उपासक वैष्णव

मंदिर और उत्सव


- कोणार्क मंदिर रथयात्रा के लिए मशहूर.
- चर्चिका मंदिर Maa Charchika's Mandir is situate on Ruchika parbat near the Renuka river. It is considered as one of the most beautiful place of Orissa, where religion and nature intermix with each. It represent power + nature in a beautiful way. It is situate in a place called Banki which 52 KM away from orissas business capital cuttack and 60 km from political capital. Another important picnic , sport which any one wish to visit is Sunadei temple on the bank of river Mahanadi. During winter season many migratory birds visit to mahanadi , which is in its largest width near the Sunadei Temple. Virtual here a personal, will get Water , sand and Mountain ..intermingle with each other , in the most splendid manner. Once you visit this place, if some body ask wher is paradise ? you will say Its hear ...Its Hear ..Its Hear....

राजनीति

उड़ीसा का विधानसभा चुनाव परिणाम

अर्थ जगत

तकनीकी क्षेत्र

इन्फोसिस डेवेलपमेंट सेंटर - http://www.infosys.com/ सत्यम कम्प्यूटर्स - http://www.satyam.com/

भारी उद्योग

नाल्को - http://www.nalco.com सेल - http://www.sail.co.in/plants_rourkela.asp

शिक्षा

उड़ीसा मे काफी मशहूर शिक्ष्ण संस्थान होने के बावज़ूद शिक्षा के क्षेत्र में उड़ीसा की हालत खस्ता है.
- विश्वविद्यालय
  - उत्कल विश्वविद्यालय, वाणी विहार, भुवनेश्वर.
  - फ़कीर मोहन विश्वविद्यालय, व्यास विहार, बालासोर.(बालेश्वर)
  - बरहामपुर विश्वविद्यालय, भंज विहार, बरहामपुर.
  - ओड़िसा युनिवर्सिटी आफ़ एग्रीकल्चर ऐंड टेक्नालजी, भुवनेश्वर.
  - संबलपुर विश्वविद्यालय, ज्योति विहार, संबलपुर.
  - श्री जगन्नाथ संस्कट विश्वविद्यालय, पुरी.
  - बीजू पटनायक युनिवर्सिटी आफ़ टेक्नालजी, राउरकेला
- प्रबंधन संस्थान
  - ज़ेवियर इंस्टीट्यूट आफ़ मैनेजमेंट, भुवनेश्वर - http://www.ximb.ac.in
- अभियांत्रिकी महाविद्यालय
  - नेशनल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नालजी (http://www.nitrkl.ac.in/) राउरकेला
  - कालेज आफ इंजिनयरिंग ऐंड टेक्नालजी (http://www.cetindia.org)भुवनेश्वर
  - युनिवर्सिटी कालेज आफ़ इंजिनयरिंग (http://www.uceburla.org/) बुर्ला
  - नेशनल इंस्टीट्यूट आफ़ साइंस ऐंड टेक्नालजी (http://www.nist.edu) बहरामपुर
  - आई.जी.आई.टी., सारंग (उत्कल विश्वविद्यालय के अधीन)
  - [http://www.cvraman.org सी.वी. रामण इंजिनयरिंग कालेज, भुवनेश्वर, (उत्कल विश्वविद्यालय के अधीन)
- चिकित्सा महाविद्यालय
  - Shri Ramachandra Bhanj Medical College, Cuttack.
  - Maharaja Krushna Chandra Gajapati Dev Medical College, Berhampur.
  - Veer Surendra Sai Medical College, Burla, Sambalpur.
- आयुर्वेदिक महाविद्यालय
  - Anata Tripathy Ayurvedic College,Bolangir.
  - Berhampur Govt. Ayurvedic College, Berhampur.
  - Govt. Ayurvedic College, Puri.
  - Gopalbandhu Ayurveda Mahavidyalaya, Puri.
  - Government Ayurveda College, Balangir.
  - K.A.T.A. Ayurvedic College, Ganjam.
  - Nrusingh Nath Govt. Ayurvedic College, Paikmal, Sambalpur.
  - S.S.N.Ayurved College and Research Institute, Nursingnath.

उड़ीसा के जिले


- आंगुल
- बोलांगीर
- बालेश्वर
- बैरगढ
- बौदा
- भद्रक
- कटक
- देवगढ
- ढेंकनाल
- गजपति
- गंजम
- जगतसिंहपुर
- जाजपुर
- झाड़सुगड़ा
- कालाहांडी
- केन्दरपाड़ा
- केंदुझाड़गढ़
- खोरधा
- कोरापुट
- मलकानगिरी
- मयुरभंज
- नवरंगपुर
- नयागढ़
- नुआपाड़ा
- फूलबनी
- पुरी
- रायगढा
- संबलपुर
- सोनापुर
- सुंदरगढ

यह भी देखें


- उड़िया
- उड़ीसा सरकार (http://www.orissa.gov.in) Category:भारत के प्रान्त Category:उड़ीसा

अंडमान और निकोबार द्वीप

अंदमान और निकोबार द्वीप समूह भारत का एक केन्द्र शासित प्रदेश है. ये बंगाल की खाड़ी] के दक्षिण में हिन्द महासागर में स्थित है. अंदमान और निकोबार लगभग ३०० छोटे बड़े द्वीपों का समूह है. जिसमें कुछ ही द्वीपों पर आबादी है. यहाँ की राजधानी पोर्ट ब्लेयर है.

नाम

अंदमान मलय भाषा के हांदुमन शब्द से आया है जो हिन्दुओं के भगवान हनुमान शब्द का परिवर्तित रुप है. निकोबार शब्द भी इसी भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ होता है नग्न लोगों की भूमि.

इतिहास

इस द्वीप समूह पर १७ वीं सदी में मराठों द्वारा अधिकार किया गया था. इसके बाद इसपर अंग्रेजी हुकुमत ने राज किया और बाद में दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान जापान द्वारा इस पर अधिकार कर लिया गया. कुछ समय के लिये यह द्वीप नेताजी सुभाषचंद्र बोस के आज़ाद हिन्द फौज के अधीन भी रहा था. और जनरल लोकनाथन यहाँ के गवर्नर रहे थे. १९४७ में ब्रिटीश हुकुमत से मुक्ति के बाद यह भारत का केन्द्र शासित प्रदेश बना. ब्रिटीश हुकुमत द्वारा इस स्थान का उपयोग स्वाधीनता आंदोलन में दमनकारी नीतियों के तहत क्रांतिकारियों को भारत से अलग रखने के लिये किया जाता था. इसी वजह से यह स्थान आंदोलनकारियों के बीच कालापानी के नाम से मशहूर था. कैद के लियेपोर्ट ब्लेयर में एक अलग जेल सेल्यूलर जेल का निर्माण किया गया था जो ब्रिटीश इंडिया के लिये साइबेरिया की तरह था. २६ दिसंबर २००४ को सुनामी लहरों के कहर से इस द्वीप पर ६००० से ज्यादा लोग मारे गये.

यह भी देखें


- अंडमान निकोबार की जनजातियाँ

बाहरी कड़ियाँ


- [http://www.and.nic.in/ आधिकारीक वेबसाईट]
- [http://www.andaman.org/ अंदमान प्रशासन]
- [http://www.andamanindia.com/ अंदमान के बारे में जानकारी] Category:भारत के प्रान्त Category:अंडमान और निकोबार द्वीप ja:アンダマン・ニコバル諸島

आंध्र प्रदेश

आंध्र प्रदेश भारत का एक प्रान्त है। Category:भारत के प्रान्त Category:आंधर् प्रदेश simple:Andhra Pradesh

कर्नाटक

कर्नाटक भारत का एक प्रान्त है। इस प्रान्त में अनेक इन्जीनरिन्ग और मेडिकल विधापीठ हैं। Category:भारत के प्रान्त Category:कर्नाटक

केरल

केरल भारत का एक प्रान्त है। Category:भारत के प्रान्त Category:केरल

पणजी

पणजी भारत के पश्चिमी प्रान्त गोआ की राजधानी है. Category:शहर

गांधीनगर

गांधीनगर भारत का दुसरा एसा शहर है जीसे पुरी तरह आयोजन से बसाया गया हे. एसे ग़ीन सीटी कहा जाता हे. सचीवालय ओर मंतीओ के नीवास भी यहा पर हे.

चंडीगढ़

चंडीगढ़ भारत का एक ऐसा शहर है जो दो राज्यों की राजधानी है: पंजाब और हरियाणा

बाहरी कड़ियाँ


- [http://chandigarh.nic.in/ चंडीगढ़ सरकार]
- [http://www.pals.org/pec/chandigarh/chandigarh.html चंडीगढ़ के बारे में अधिक जानकारी] Category:शहर

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ भारत का एक राज्य है । छत्तीसगढ़ एक नज़र में
- राज्य का निर्माण - एक नवंबर 2000
- राजधानी - raipur
- क्षेत्रफल-1,35,000 वर्ग किलोमीटर
- जनसंख्या- कुल 2,07,69,000
- पुरुष - 1,04,52,000, स्त्र - 10,03,44,000
- अनुसूचित जनजाति - 57,17,000 अनुसूचित जाति - 21,48,000
- ज़िलों की संख्या - 16
- गाँवों की संख्या-20308 विद्युतीकृत गाँव - 18076
- यातायात - सड़कें - 3,901 किलोमीटर रेल- 1,053 किलोमीटर
- साक्षारता - 65.12 प्रतिशत पुरुष - 77.86 प्रतिशत स्त्री - 52.28 प्रतिशत
- कृषियोग्य भूमि- 9,84,000 हेक्टेयर
- जंगल- 59,000 वर्गकिलोमीटर (45 प्रतिशत)
- औसत वर्षा- 1292.1 मिलीमीटर, वर्षा के औसत दिन - 61
- प्रतिव्यक्ति आय- 11,663 रुपए
- विधानसभा सीटें- 90, लोकसभा की सीटें- 11, राज्यसभा की सीटें - 5 Category:भारत के प्रान्त Category:छत्तीसगढ

जम्मू और कश्मीर

जम्मू कश्मीर भारत (इंडिया) के राज्य है।

झारखंड

झारखंड, यानि झार या झाड़ जो स्थानीय रूप में वन का पर्याय है और खंड यानि टुकड़ा से मिलकर बना है। अपने नाम के अनुरुप यह मूलत: एक वनप्रदेश है जो झारखंड आंदोलन के फलस्वरुप (जिसे बाद में कुछ लोगों द्वारा वनांचल आंदोलन के नाम से जाना जाता है)सृजित हुआ। प्रचुर मात्रा में खनिज की उपलबध्ता के कारण इसे भारत का 'रूर' भी कहा जाता है जो जर्मनी में खनिज-प्रदेश के नाम से विख्यात है। 72 वर्षों पहले आदिवासी महासभा ने जयपाल सिंह मुंडा की अगुआई में अलग ‘झारखंड’ का सपना देखा. पर वर्ष 2000 में कद्र सरकार ने 15 नवंबर (आदिवासी नायक बिरसा मुंडा के जन्मदिन) को भारत का अठ्ठाइसवाँ राज्य बना झारखंड भारत के नवीनतम प्रान्तों में से एक है। बिहार के दक्षिणी हिस्से को विभाजित कर झारखंड प्रदेश का सृजन किया गया था। औद्योगिक नगरी राँची इसकी राजधानी है। इस प्रदेश के अन्य बड़े शहरों में धनबाद, बोकारो एवं जमशेदपुर शामिल हैं। झारखंड की सीमाँए उत्तर में बिहार, पश्चिम में उत्तर प्रदेश एवं छत्तीसगढ, दक्षिण में उड़ीसा और पूर्व में पश्चिम बंगाल को छूती हैं। लगभ संपूर्ण प्रदेश छोटानागपुर के पठार पर अवस्थित है। कोयल, दामोदर, खड़कई, और सुवर्णरेखा। स्वर्णरेखा यहाँ की प्रमुख नदियाँ हैं। संपूर्ण भारत में वनों के अनुपात में प्रदेश एक अग्रणी राज्य माना जाता है तथा वन्यजीवों के संरक्षण के लिये मशहूर है। झारखंड क्षेत्र विभिन्न भाषाओं, संस्कृतियों एवं धर्मों का संगम क्षेत्र कहा जा सकता है। द्रविड़, आर्य, एवं आस्ट्रो-एशियाई तत्वों के सम्मिश्रण का इससे अच्छा कोई क्षेत्र भारत में शायद ही दिखता है। इस शहर की गतिविधियाँ मुख्य रूप से राजधानी राँची और जमशेदपुर, धनबाद तथा बोकारो जैसे औद्योगिक केन्द्रों से सबसे ज्यादा प्रभावित होती हैं।

अर्थतंत्र

झारखंड की अर्थव्यवस्था मुख्यरूप से खनिज और वन संपदा से निर्देशित है। लोहा, कोयला, माइका, बाक्साइट, फायर-क्ले, ग्रेफाइट, कायनाइट, सेलीमाइट, चूना पत्थर, युरेनियम और दूसरी खनिज संपदाओं की प्रचुरता की वजह से यहाँ उद्योग-धंधों का जाल बिछा है। खनिज उत्पादों के खनन से झारखंड को सालाना तीस हजार करोड़ रुपये की आय होती है। झारखंड न केवल अपने उद्योग-धंधों में इसका इस्तेमाल करता है बल्कि दूसरे राज्यों को भी इसकी पूर्ति करता है।

यातायात

झारखंड की राजधानी राँची संपूर्ण देश से सड़क एवं रेल मार्ग द्वारा काफी अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्ग 2, 27, 33 इस राज्य से होकर गुजरती है। इस प्रदेश का दूसरा प्रमुख शहर टाटानगर (जमशेदपुर) दिल्ली कोलकाता मुख्य रेलमार्ग पर बसा हुआ है जो राँची से 120 किलोमीटर दक्षिण में बसा है। राज्य का में एकमात्र राष्ट्रीय हवाई अड्डा राँची का बिरसा मुंडा हवाई-अड्डा है जो देश के प्रमुख शहरों; मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और पटना से जुड़ा है। इंडियन एयरलाइन्स और एयर सहारा की नियमित उड़ानें आपको इस शहर से हवाई-मार्ग द्वारा जोड़ती हैं। सबसे नजदीकी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा कोलकाता का नेताजी सुभाषचंद्र बोस हवाई अड्डा है।

जिले

नेताजी सुभाषचंद्र बोस हवाई अड्डा झारखंड में 22 जिले हैं जो इस प्रकार हैं:- राँची , लोहरदग्गा, गुमला, सिमडेगा, पलामू, लातेहार, गढवा, पश्चिमी सिंहभूम (मुख्यालय:चाईबासा), सराइकेला खरसावाँ, पूर्वी सिंहभूम (मुख्यालय: जमशेदपुर), दुमका, जामताड़ा, साहिबगंज, पाकुड़, गोड्डा, हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, गिरीडीह,धनबाद, बोकारो, देवघर

पर्व-त्यौहार

देवघर झारखंड में सभी समुदायों के लोगों के होने की वजह से हिन्दू, मुसलमान, और इसाइयों के पर्व त्यौहार तो श्रद्धा और भक्तिपूर्वक तो मनाये ही जाते हैं लेकिन आदिवासियों के कुछ खास पर्वों की छटा अपने आप में मन को मोहने वाली होती है। आदिम काल से चले आ रहे इनके त्यौहारों के रंग को तो वक़्त के थपेड़ों ने बहुत कुछ कुंद किया है लेकिन अभी भी पर्वों की जीवटता किसी तरह कम नहीं हुयी लगती, आदिवासियों के कुछ मुख्य त्यौहार निम्न हैं :-
- टुसू पर्व
- बांदना परब
- करमा
  - झारखंड के लोकनृत्य पाइका छऊ, जदुर, नाचनी, नटुआ, अगनी, चौकारा, जामदा, घटवारी, मतहा

शिक्षा संस्थान

मतहा झारखंड की शिक्षा संस्थाओं में कुछ अत्यंत प्रमुख शिक्षा संस्थान शामिल हैं। जनजातिय प्रदेश होने के बावज़ूद यहां कई नामी सरकारी एवं निजी कॉलेज हैं जो कला, विज्ञान, अभियांत्रिकी, मेडिसिन, कानून और मैनेजमेंट में उच्च स्तर की शिक्षा देने के लिये विख्यात हैं । झारखंड की कुछ प्रमुख शिक्षा संस्थायें हैं : विश्वविद्यालय
- राँची विश्ववविद्यालय राँची
- सिद्धू कान्हू विश्वविद्यालय दुमका
- विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग
- बिरसा कृषि विश्वविद्यालय राँची
- बी आई टी मेसरा राँची अन्य प्रमुख संस्थान
- राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला जमशेदपुर
- राष्ट्रीय खनन शोध संस्थान धनबाद
- भारतीय लाह शोध संस्थान राँची
- राष्ट्रीय मनोचिकत्सा संस्थान राँची
- जेवियर प्रबंधन संस्थान । एक्स एल आर आई जमशेदपुर

दर्शनीय स्थल

जमशेदपुर
- देवघर वैधनाथ मंदिर
- हुंडरू जलप्रपात
- दलमा अभ्यारण्य
- बेतला राष्ट्रीय उद्यान
- रजरप्पा

विभूतियाँ


- बिरसा मुंडा
- सिद्धू कान्हू
- तिलका माँझी

समाचारपत्र


- दैनिक जागरण
- हिंदुस्तान
- राँची एक्सप्रेस
- प्रभात खबर
- उदितवाणी
- आवाज

साहित्य

यह भी देखें


- झारखंड के शहर
- झारखंड आँदोलन

बाहरी कड़ियाँ


- [http://jharkhand.nic.in/ झारखंड सरकार]
- [http://districts.nic.in/disdetails.asp?sc=jh/ झारखंड के जिले] jh:Jharkhand Category:भारत के प्रान्त Category:झारखंड ja:デリー

तमिलनाडू

तिमलनाडू भारत का एक प्रान्त है। तमिलनाडू की राजधानी चेन्नै है । तिमलनाडू की अन्य महत्वपूर्ण शहर मदुरै, तिर्चि, कोयम्बतूर । इसके पड़ोसन आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल है । तिमलनाडू में बोलनेवाले भाषा तिमल है । तिमलनाडू की मुख्यमंत्री जयललिता और राज्यपाल सुरजीत सिंह बरनाला है । Category:भारत के प्रान्त Category:तिमलनाडू

त्रिपुरा

त्रिपुरा भारत का एक प्रान्त है। Category:भारत के प्रान्त Category:त्रिपुरा

दमन और दीव

दमन और दीव मुंबई के समीप अरब सागर में स्थित द्वीप समूह हैं जो भारत का एक केन्द्र शासित प्रान्त है। यहाँ की राजधानी सिलवासा है। Category:भारत के प्रान्त Category:दमन और दीव

दिल्ली

दिल्ली, जो अंग्रेज़ी में डेल्ही या "डेली"(Delhi) नाम से जानी जाती है, आस पास के कुछ जिलों के साथ भारत का राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र है । इसमें नई दिल्ली सम्मिलित है जो कि ऐतिहासिक पुरानी दिल्ली के बाद बसा था जहां केन्द्र सरकार की कई प्रशासन संस्थायें हैं । औपचारिक रूप से नई दिल्ली भारत की राजधानी है । दिल्ली १४८३ वर्ग किलोमीटर (५७२ वर्ग मील) में फैली है, यहां की जनसंख्या लगभग १.४ करोड है । यहां बोली जाने वाली मुख्य भाषायें है: हिन्दी, उर्दू, पंजाबी, और अंग्रेज़ी| दिल्ली का ऐतिहासिक महत्व उत्तर भारत में इसके स्थान पर है । इसके दक्षिण पश्चिम में अरावली पहाड़ियां और पश्चिम में यमुना नदी है, जिसके किनारे यह बसा है । यह प्राचीन समय के गंगा के मैदान से होकर जानेवाले वाणिज्य पथों के रास्ते में पड़ने वाला मुख्य पड़ाव था ।

इतिहास

पारंपरिक रूप से भारतीय महाकाव्य महाभारत में दिल्ली को प्राचीन इन्द्रप्रस्थ, की राजधानी के रूप में जाना जाता है। उन्नीसवीं शताब्दी के आरंभ तक दिल्ली में इंद्रप्रस्थ नामक गाँव हुआ करता था। अभी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की देखरेख में कराये गये खुदाई में जो भित्तिचित्र मिले हैं उनसे इसकी आयु ईसा से एक हजार वर्ष पूर्व का लगाया जा रहा है, जिसे महाभारत के समय से जोड़ा जाता है, लेकिन उस समय के जनसन्ख्या के कोई प्रमाण अभी नहीं मिले हैं। कुछ इतिहासकार इन्द्रप्रस्थ को पुराने क़िले के आस-पास मानते हैं। पुरातात्विक रूप से जो पहले प्रमाण मिलते हैं उन्हें मौर्य-काल (ईसा पूर्व 300) से जोड़ा जाता है। तब से निरन्तर यहाँ ्जनसन्ख्या के होने के प्रमाण उपलब्ध हैं। 1966 में प्राप्त अशोक का एक शिलालेख(273 - 300 ई पू) दिल्ली में श्रीनिवासपुरी में पाया गया। यह शिलालेख जो प्रसिद्ध लौह-स्तंभ के रूप में जाना जाता है अब क़ुतुब-मीनार में देखा जा सकता है। इस स्तंभ को अनुमानत: गुप्तकाल (सन 400-600) में बनाया गया था और बाद में दसवीं सदी में दिल्ली लाया गया। अशोक के दो अन्य शिलालेख बाद में फ़िरोजशाह तुग़लक़ द्वारा दिल्ली लाया गया। चंदरबरदाई की रचना पृथवीराज रासो में राजपूत राजा अनंगपाल को दिल्ली का संस्थापक बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि उसने ही 'लाल-कोट' का निर्माण करवाया था और लौह-स्तंभ दिल्ली लाया था। दिल्ली में राजपूतो का शासनकाल 900-1200 इसवी तक माना जाता है। 'दिल्ली' या 'दिल्लिका' शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम उदयपुर में प्राप्त शिलालेखों पर पाया गया, जिसका समय 1170 इसवी निर्धारित किया गया। शायद 1316 इसवी तक यह हरियाणा की राजधानी बन चुकी थी। 1206 इसवी के बाद दिल्ली सल्तनत की राजधानी बनी जिसमें खिलज़ी वंश, तुगलक़ वंश, सैयद वंश और लोधी वंश समते कुछ अन्य वंशों ने शासन किया। ऐसा माना जाता है कि आज का आधुनिक दिल्ली बनने से पहले दिल्ली सात बार उजड़ी और बसी है जिनके कुछ अवशेष अब भी देखे जा सकते हैं। # क़िला रायपिथौरा : राजपूतों के सबसे प्राचीन क़िले लाल कोट के समीप क़ुतुबुद्दीन ऐबक़ द्वारा निर्मित # सिरी का क़िला, 1103 में अलाउद्दीन ख़िलज़ी द्वारा निर्मित # तुग़लक़ाबाद, गयासुद्दीन तुग़लक़ (1321-1325) द्वारा निर्मित # जहाँपनाह क़िला, मुहम्मद बिन तुग़लक़ (1325-1351) द्वारा निर्मित # कोटला फ़िरोज़ शाह, फ़िरोजशाह तुग़लक़ (1351-1388) द्वारा निर्मित # पुराना क़िला (शेरशाह सूरी) और दीनपनाह (हुमायूँ; दोनों उसी स्थान पर हैं जहाँ पौराणिक इंद्रप्रस्थ होने की बात की जाती है। (1538-1545) # शाहजहानाबाद, शाहजहाँ (1638-1649) द्वारा निर्मित; इसी में लाल क़िला और चाँदनी चौक भी शामिल हैं। सत्रहवीं सदी के मध्य में मुग़ल सम्राट शाहजहाँ (1628-1658) ने सातवीं बार दिल्ली बसायी जिसे शाहजहानाबाद के नाम से भी पुकारा जाता है। आजकल इसके कुछ भाग पुरानी दिल्ली के रूप मे सुरक्षित हैं। इस नगर में इतिहास के धरोहर अब भी सुरक्षित बचे हुये हैं जिनमें लाल क़िला सबसे प्रसिद्ध है। जबतक शाहजहाँ ने अपनी राजधानी आगरा में नहीं स्थानांतरित की पुरानी दिल्ली 1638 के बाद के मुग़ल सम्राटो की राजधानी रही। औरंगजेब (1658-1707) ने शाहजहाँ को गद्दी से हटाकर खुद को शालीमार बाग़ में सम्राट घोषित किया। शालीमार बाग़ 1857 के आंदोलन को पूरी तरह दबाने के बाद, अंग्रेजों ने जब बहादुरशाह ज़फ़र को रंगून भेज दिया उसके बाद भारत पूरी तरह से अंग्रेजो के अधीन हुआ। प्रारंभ में उन्होंने कलकत्ते (आजकल कोलकाता) से शासन संभाला परंतु 1911 में औपनिवेशिक राजधानी को दिल्ली स्थानांतरित कर दिया गया। बड़े स्तर पर महानगर के पुर्ननिर्माण की प्रक्रिया में पुराने नगर के कुछ भागो को ढहा दिया गया है।

अर्थतंत्र

औपनिवेशिक मुंबई के बाद दिल्ली भारत के सबसे बड़े व्यापारिक महानगरो में से है। देश में प्रति व्यक्ति औसत आय की दृष्टि से भी यह देश के सबसे संपन्न नगरो में गिना जाता है। 1990 के बाद से दिल्ली विदेशी निवशेकों का पसंदीदा स्थान बना है। हाल में कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों जैसे पेप्सी, गैप, इत्यादि ने दिल्ली और उसके आस-पास के क्षेत्रों मे अपना मुख्यालय खोला है। क्रिसमस के दिन वर्ष 2002 में दिल्ली के महानगरी क्षेत्रों में दिल्ली मेट्रो रेल का शुभारम्भ हुआ जिसे वर्ष 2022 में पूरा किये जाने का अनुमान है। हवाई यातायात द्वारा दिल्ली इन्दिरा गांधी अन्तरराष्ट्रीय विमानस्थल से पूरे विश्व से जुड़ा है।.

शिक्षा संस्थायें

इन्दिरा गांधी अन्तरराष्ट्रीय विमानस्थल दिल्ली की शिक्षा संस्थाओं में विद्यार्थी भारत के सभी भागो से आते हैं । यहां कई सरकारी एवं प्राइवेट सन्स्थान हैं जो कला ,विज्ञान, प्रोद्योगिकी, आयुरविग्यान, कानून और मैनेजमेंट में उच्च स्तर की शिक्षा देने के लिये विख्यात हैं । दिल्ली की कुछ प्रमुख शिक्षा संस्थायें हैं : विश्वविद्यालय
- ऑल इन्डिया इन्स्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइन्सेज़
- दिल्ली विश्वविद्यालय
- गुरु गोविन्द सिंह इन्द्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (जो इन्द्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी नाम से भी जानी जाती है)
- भारतीय प्रोद्योगिकी सन्स्थान (जो आई आई टी के नाम से भी जाना जाता है)
- इन्दिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी
- इन्स्टीट्यू